शराब लेने से कोरोना वायरस खत्म हो जाएगा, यह सोचकर पीने की गलती कतई न करें। चिकित्सकों का कहना है कि इस परिस्थिति में शराब और बीड़ी-सिगरेट को हाथ भी न लगाएं। इससे प्रतिरोधक क्षमता कम होगी, इसके सेवन के वक्त हाथों का संपर्क नाक-मुंह तक ज्यादा होगा। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग में सामान्य दिनों में 180-200 मरीज आते हैं। इनमें से 40 से 45 फीसदी पुरुष और 10-12 फीसदी महिलाएं धूम्रपान, शराब और अन्य नशे के मिले। इनमें सांस, टीबी, दमा के अलावा अन्य बीमारियां भी मिलीं।
डॉक्टर बताते हैं कि एल्कोहल और बीड़ी-सिगरेट समेत नशे की अन्य सामग्री के उपयोग से शरीर की एंटीबॉडीज के प्रभावित होने से शरीर में रोगों से लड़ने और स्वत: इलाज की प्राकृतिक प्रक्रिया कमजोर होने लगती है।
डब्ल्यूएचओ ने जारी की नई गाइडलाइन
वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के फिजीशियन डॉ. जीवी सिंह बताते हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें स्पष्ट तौर पर धूम्रपान और एल्कोहल बंद करने को कहा है।
धूम्रपान से फेफड़ों में संक्रमण का खतरा चार गुना रहता है। इनके सेवन के वक्त लोग हाथों से मुंह-नाक को भी ज्यादा छूते हैं। इससे वायरस का खतरा ज्यादा रहता है।