सरकारी आवासों के आवंटन और कब्जे के विवादों को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आवासों के आवंटन व उसमें रहने की अवधि तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस संबंध में 25 फरवरी 2020 को जारी शासनादेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित अवधि के बाद सरकारी आवास में नहीं रहेगा। चाहे वह सेवानिवृत्त या स्थानांतरित हुआ हो या बर्खास्त किया गया हो या किसी दूसरे कारण से। अवधि बीत जाने के बाद आवंटित आवास में रहने का हकदार नहीं है।
सरकारी आवासों में रहने की समय सीमा तय करे सरकारः हाईकोर्ट